
नवीन कानून के बेहतर क्रियान्वयन एवं साइबर के महत्व को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का किया गया शुभारंभ
प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश खंडवा द्वारा दो दिवसीय पुलिस कार्यशाला का किया गया शुभारंभ
खंडवा, 13 नवंबर 2025
जिला खंडवा में पुलिस विवेचना में सुधार हेतु व नवीन कानून के बेहतर क्रियान्वयन एवं साइबर के महत्व को लेकर पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री मनोज कुमार राय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात श्री राजेश रघुवंशी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री महेंद्र तारनेकर के मार्गदर्शन में जिला पंचायत खंडवा में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ दिनांक 13.11.25 को प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश खंडवा श्रीमती ममता जैन एवं सेवा निवृत्ति जिला सत्र न्यायाधीश श्री सुनील जैन द्वारा किया गया।इस अवसर पर जिले के राजपत्रित अधिकारी नगर पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव कुमार बारंगे, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री अनिल सिंह चौहान,उप पुलिस अधीक्षक अजाक श्री महेश दुबे,एसडीओपी मूंदी श्री मनोहर सिंह गवली,एसडीओपी हरसूद श्री लोकेंद्र सिंह ठाकुर एवं जिले के थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी सहित अन्य पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश खंडवा श्रीमती ममता जैन द्वारा जिला खंडवा के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि विवेचना के दौरान क्या-क्या त्रुटियां विवेचकों द्वारा की जाती हैं एवं उन्हें कैसे दूर किया जाए,जिससे विवेचना कार्य की गुणवत्ता में सुधार आए।
सेवानिवृत्ति जिला सत्र न्यायाधीश श्री सुनील जैन द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीन कानून के संबंध में जानकारी दी गई साथ ही केस स्टडी एवं पीपीटी के माध्यम से विवेचना के दौरान विवेचकों द्वारा की जाने वाली गलतियों के बारे में विस्तार से बताया गया। जिस कारण से न्यायालय में अभियुक्त को होने वाली सजा का प्रतिशत कम रहता है। विवेचना के दौरान क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए एवं की जाने वाली त्रुटियां को कैसे दूर करें इस बात को भी बताया गया। नाबालिक बालिकाओं के उम्र के संबंध में किस प्रकार से साक्ष्य एकत्र किए जाएं इस पर कानूनी प्रावधानों की चर्चा की गई। अनुसूचित जाति जनजाति के प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र कैसे प्राप्त किया जाए एवं अच्छी विवेचना कैसे की जाए इस बात पर भी प्रकाश डाला गया। साथ ही पुलिस अधिकारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का संतुष्टि पूर्वक समाधान किया गया।
इंदौर से आए साइबर एक्सपर्ट श्री ईशान सिन्हा द्वारा सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को साइबर अपराध से संबंधित आधुनिक प्रावधानों के बारे में बताया गया, साथ ही साइबर ज्ञान के उपयोग से नाबालिग बालिकाओं एवं फरार आरोपियों को ढूंढने में कैसे मिले इस बात को भी बताया गया। साइबर फ्रॉड से जुड़े तकनीकी पहलुओं के बारे में सभी को अवगत कराया गया।










